Dosti Shayari No Further a Mystery
दोस्तों से बिछड़ के यह एहसास हुआ ग़ालिब,जिनसे हो जाती है वही लोग ज़िंदगी में ख़ास बन जाते हैं।
सिर्फ तू ही है, जो समझता है मेरी खामोशी,
“दोस्ती में ना कोई फ़ासला, ना कोई दूरी का ग़म।”
“तेरी यारी ने दिल को छू लिया, अब प्यार बस उस राह चला।”
कभी तुझे कॉल कर के कहता हूँ, “यार तेरी याद आ रही है!”
जिगरी दोस्त, तू ही मेरी जिंदगी का सुकून है।
पर गहरी मित्रता ही तो है, जो हर मुश्किल को आसान बना देती है।
सच्चे दोस्त ही हमारी मुस्कान की वजह होते हैं,
“रिश्ते कितने भी गहरे हों, यारी तेरी सबसे अलग है।”
दोस्ती खून के रिश्तों से बड़ी होती है।
अब वो जख्मों में बदल गए, जो कभी दिल में सुलगते थे।
“यारी के रंग जितने प्यारे, वक्त के हर मोड़ पर साथ हमारे।”
“सच्चा यार वो, Dosti Shayari जो दिल का बोझ हल्का करे।”